धनेरिया कला के किसान किशोर अजमेर के खेत पर भू-माफियाओं का हमला,हवाई फायर के साथ गाड़ियों में की तोड़फोड़,पुलिस पर मिलीभगत का आरोप.....
नीमच//बघाना थाने के धनेरिया कला निवासी किसान किशोर अजमेरा सहित कोसानो ने बघाना पुलिस पर भू-माफियाओं से मिलीभगत कर झूठी एफआईआर दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया है।उक्त मामले की शिकायत लेकर पीड़ित किसान बड़ी संख्या में सोमवार को एसपी कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने दो अलग-अलग ज्ञापन कार्रवाई की मांग को लेकर सोपे,किशोर अजमेर का कहना है कि वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में नानूराम पिता मोडीराम आजना से धनेरिया कला स्थित सर्वे क्रमांक 504/2 की डेढ़ बीघा जमीन खरीदी थी। नामांतरण की प्रक्रिया के दौरान नानूराम की मृत्यु हो गई, जिसके चलते उक्त जमीन उनके चारों वारिसों में बांटी जानी थी, परंतु केवल एक वारिस बसंतीलाल आजना के नाम पर नामांतरण करवा लिया गया। उसी आधार पर भू-माफिया कमलेश धनगर और नमन गुर्जर ने कथित रूप से धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली।किशोर अजमेर का आरोप है कि उन्होंने कमलेश धनगर द्वारा करवाए गए नामांतरण के खिलाफ आपत्ति दर्ज की थी, जिसे न्यायालय ने निरस्त कर दिया था और जमीन से संबंधित मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद कमलेश धनगर और नमन गुर्जर 27 जून को जबरन कब्जा करने की नियत से खेत पर पहुंचे और धमकी देकर चले गए। इसके बाद किशोर अजमेरा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।शिकायत के दूसरे ही दिन आरोपित पक्ष 5 फोर व्हीलर गाड़ियों में हथियारबंद लोगों के साथ खेत पर पहुंचा और फायरिंग की। किसान और उनके परिजन जान बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने खेत में खड़ी उनकी 5 मोटरसाइकिलें तोड़ दीं। जब ग्रामीणों के साथ मिलकर किसान दोबारा खेत पर पहुंचे तो एक आरोपी तुषार राठौर को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया गया।पूछताछ में तुषार ने स्वीकारा कि उसे पैसे देकर लाया गया था।इसके बावजूद किसान किशोर अजमेर का आरोप है कि बघाना पुलिस ने असली आरोपियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई न कर, उल्टा उनके और उनके परिजनों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा उनके विरुद्ध दर्ज झूठी एफआईआर को निरस्त करने की मांग की है।किशोर अजमेर ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि भूमाफियाओं की दबंगई पर लगाम लगाई जाए और न्यायालय में लंबित जमीन के मामले में किसी प्रकार का अवैध कब्जा न होने दिया जाए।