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श्रीश्री ठाकुर अनुकुल चंद्र के 138वें जन्मोत्सव का आयोजन, सत्संग वृंद द्वारा भव्य रूप से सम्पन्न.....

गाँधीसागर ( पूरन माटा )
सत्संग वृंद सत्संग मंदिर, बंगाली कॉलोनी, गांधीसागर नंबर आठ द्वारा परमपूज्य श्रीश्री ठाकुर अनुकुल चंद्र का 138वां जन्मोत्सव 1 मार्च, रविवार को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित रहे। इस पावन अवसर पर वंदे मांगलिकी, उषा कीर्तन, भक्तिमय संगीत तथा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा नगर की प्रमुख गलियों से निकाली गई, जिसमें बंगाली समाज सहित अन्य श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे मार्ग में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। सत्संग सभा में गुरु-शिष्य निर्मल मिस्त्री (पन्ना), नरेन्द्र पारिदा (इंदौर), अशोक सिंह (देवास), ठाकुर दास (मेरठ) तथा कृष्णा बैरागी (बेतुल) ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन दिए। वक्ताओं ने कहा कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य आनंद में रहना है। यदि मनुष्य वर्तमान में रहकर, अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए, गुरु और प्रभु की स्मृति बनाए रखे तो जीवन स्वयं आनंदमय बन जाता है।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य अधिकतर समय नौकरी और रोजगार की चिंता में व्यतीत करता है, परंतु यदि थोड़ा समय गुरुचिंतन, सेवा और सदाचार के लिए निकाले तो जीवन में संतुलन और शांति बनी रहती है। प्रवचन में यह भी कहा गया कि “जैसा व्यवहार और प्रेम हम दूसरों से चाहते हैं, वैसा ही हमें स्वयं भी करना चाहिए। दूसरों को प्रसन्न करने और उनका कल्याण करने की भावना रखेंगे तो समाज में प्रेम और सद्भाव स्वतः बढ़ेगा। ”वक्ताओं ने बताया कि सक्रिय पुरुषोत्तम के प्रति प्रेम और श्रद्धा से ही ठाकुर जी के जीवन, उनके प्रेम और उनके आदर्शों का अनुभव किया जा सकता है। ठाकुर जी का संदेश था कि सावधानी, सेवा और सदाचार ही मानव जीवन को सफल बनाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में भव्य भंडारे (प्रसादी) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

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