राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल, मध्य प्रदेश के एक विधायक संपर्क से बाहर होने पर चर्चाओं का बाजार गर्म....
भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा द्वारा तीसरी सीट पर महेश केवट को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। जहां दो सीटों पर भाजपा की जीत लगभग तय मानी जा रही है, वहीं तीसरी सीट को लेकर सियासी गणित तेज हो गया है। भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने से कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार अचानक संपर्क से बाहर हो गए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम से उनके दोनों मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे और कई घंटों तक उनसे संपर्क नहीं हो सका। राज्यसभा चुनाव में संख्या बल के लिहाज से कमलेश्वर डोडियार का वोट अहम माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर उन पर टिकी हुई है। उनके अचानक संपर्क से बाहर होने की खबर ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। हालांकि बाद में उनके संपर्क में आने की भी चर्चा रही, लेकिन कुछ समय तक उनकी अनुपस्थिति राजनीतिक अटकलों का विषय बनी रही। उधर, भाजपा उम्मीदवार महेश केवट के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीसरी सीट पर भी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को तीसरी सीट जीतने का पूरा विश्वास है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने भी नामांकन दाखिल करते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारना खरीद-फरोख्त और दबाव की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आते ही प्रदेश की राजनीति में उठापटक तेज हो गई है। अब सभी की नजर तीसरी सीट के परिणाम और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई है।