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एक बार फिर नारकोटिक्स की कार्यवाही पर उठे सवाल!...पिपलिया मंडी के मजदूर गोर्धन सिंह को मादक पदार्थ तस्करी में बनाया आरोपी....मामले की गंभीरता को लेकर विरोध में पीड़ित पक्ष आया सामने....किसान नेता श्यामलाल जोकचंद के नेतृत्व में एकजुट होकर सौंपा ज्ञापन.....

नीमच। मंदसौर जिले के पिपलियामंडी नगर में नारकोटिक्स विभाग द्वारा दर्ज किए गए हालिया प्रकरण को लेकर नागरिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासी गोर्धन सिंह को मादक पदार्थ तस्करी के मामले में आरोपी बनाए जाने के विरोध में पिपलियामंडी के नागरिकों और पीड़ित परिवारजनों ने आज शुक्रवार को किसान नेता श्यामलाल जोकचंद के नेतृत्व में एकजुट होकर केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, नीमच के असिस्टेंट कमिश्नर आरके रजक को ज्ञापन सौंपते हुए गहन व निष्पक्ष जांच की मांग की।
गोर्धन सिंह साधारण मजदूर, आरोप बेबुनियाद-पीड़ित परिवार और नगरवासियों ने बताया कि गोर्धन सिंह एक साधारण मजदूर है, जो गिट्टी-मुर्रम एवं निर्माण सामग्री की सप्लाई का कार्य करता है। उसकी आर्थिक स्थिति सामान्य है और वह कभी किसी अवैध गतिविधि में शामिल नहीं रहा। परिजनों के अनुसार हाल ही में जावरा क्षेत्र में सप्लाई के भुगतान लेने के लिए की गई उसकी यात्रा को आधार बनाकर उस पर तस्करों की “पायलटिंग” का आरोप लगा दिया गया, जिसे पूरा नगर निराधार और तथ्यहीन बता रहा है।
*एक को नोटिस, दूसरे को नहीं, उठे सवाल*
नगरवासियों ने यह भी सवाल उठाए कि प्रकरण में पिपलियामंडी निवासी दिनेश पोरवाल को तो नोटिस जारी हुआ, लेकिन गोर्धन सिंह को विभाग द्वारा कोई नोटिस नहीं दिया गया। उल्टा, घटना के बाद उसे स्वयं दिनेश पोरवाल द्वारा नीमच ले जाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे पूरे मामले पर लोगों के संदेह और अधिक गहरा गए हैं।
ईमानदार व्यक्ति को साजिशन फंसाया
-ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गोर्धन सिंह शांत, सरल और मेहनतकश व्यक्ति है, जिसकी ईमानदार छवि पूरे क्षेत्र में जानी जाती है। ऐसा व्यक्ति यदि गंभीर नारकोटिक्स केस में आरोपित किया जा रहा है, तो यह साजिशन फंसाने जैसा प्रतीत होता है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसानों और नागरिकों ने इस कार्रवाई को संदेहास्पद बताते हुए विस्तृत जांच की मांग की।
पत्नी और परिवारजन रो-रोकर करते रहे न्याय की गुहार ज्ञापन देने पहुंचे परिजनों की स्थिति बेहद दयनीय रही। गोर्धन सिंह की पत्नी और परिवार की महिलाएँ अपने बीमार बच्चों को गोद में लेकर अधिकारियों के पैर पकड़कर न्याय की गुहार लगाती रहीं। उनकी रुलाई और पीड़ा ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
*ज्ञापन में निम्न मांगें*-- प्रकरण की गहन एवं निष्पक्ष जांच की जाए।- लगाए गए आरोपों व साक्ष्यों की विधिवत पुष्टि की जाए।- गोर्धन सिंह निर्दाेष पाए जाने पर तुरंत राहत प्रदान की जाए।- यदि किसी ने उसे झूठा फंसाया हो तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।- भविष्य में किसी निर्दाेष को इस प्रकार के गंभीर मामलों में गलत तरीके से न फंसाया जाए इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी हों।
*नहीं हुई निष्पक्ष जांच तो होगा आंदोलन*
नगरवासियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और निर्दाेष व्यक्ति को न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। ज्ञापन का वाचन किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने किया। पिपलियामंडी में यह मामला लगातार चर्चा और जनाक्रोश का विषय बना हुआ है।
परिजनों ने अधिकारियों के पैर पकड़े,नाराजगी और पीड़ा की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि ज्ञापन सौंपते समय पीड़ित परिजनों ने अधिकारियों के पैर पकड़कर न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से विनती की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और निर्दाेष व्यक्ति को राहत मिले।

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