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पोस्ते के धंधे में तस्करी का नासूर...धुला-पाली, और काला दाना जांच एजेंसियों के लिए बना सिरदर्द....देश भर में फैल रहा नीमच की कृषि उपज मंडी से निकलने वाला नशे का सामान....अल्कोलॉयड कंटेंट निहित होने से स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, पोस्ते से निकला "काला दाना"......

नीमच (नप्र) अफीम और उससे निर्मित विभिन्न ड्रग्स के साथ-साथ उसके सह उत्पाद काला पोस्ता दाना उर्फ धूला पाली की निरंतर बढ़ती जा रहा तस्करी जन - स्वास्थ्य के लिए गम्भीर चुनौती बन रही हैं। अल्कालॉयड के अवशेष निहित होने के कारण काला पोस्ता सेवन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ गम्भीर खतरा मानते हैं। मोटी कमाई के निर्मम लालच में फैल रहें काला पोस्ता के अवैध कारोबार पर समय रहते कठोर अंकुश नहीं लगया गया तो गम्भीरतम स्वास्थ्यगत समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं।
 क्या है,काला पोस्ता दाना और इसकी उपलब्धता के स्त्रोत...?
वस्तुतः अफीम के डोडे के भीतर सह उत्पाद के रूप में पोस्ता दाना रहता हैं।किसानो द्वारा डोडे पर चीरा लगा कर अफीम निकालने के बाद भी भीतरी स्तर पर विद्यमान पोस्ता दाना का बड़ा भाग अफीम से सना रहता हैं। दूसरी ओर, पिछले चार वर्षों से सीपीएस पद्धति के अंतर्गत खेती करने वाले किसानों को चीरा लगा कर बिना अफीम निकाले ही पोस्ता दाना लेकर साबूत डोडा सरकार को देना होता हैं। इस पद्धति के कारण डोडे के भीतर पोस्ता दाना में पर्याप्त मात्रा में अफीम के रूप में अल्का लॉयड के अवशेष रहते हैं।
इस तरह दोनों ही पद्धतियों से अर्जित पोस्ता दाना में अफीम के अंश मिश्रण से काले पड़े दानों को काला पोस्ता दाना या धूला पाली कहते हैं। इसमें चूंकि अल्कालॉयड के अंश होते हैं अतः इसके सेवन से शरीर मे नशीला प्रभाव होता हैं और नियमित सेवन अंततः स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध होता हैं।मंडी में किसानों द्वारा अपनी सम्पूर्ण पोस्ता उपज बेचने के बाद कतिपय तत्व सुनियोजित रूप से पोस्ते को तकनीकी विधि से छान कर काले दाने को अलग कर लेते हैं। नशे की तासीर के कारण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने से सरकार के निर्देश है कि,छान कर अलग किये गए काले पोस्ता दाने को नष्ट कर दिया जाए। किन्तु नशे के प्रभाव की विशेषता के चलते सामान्य व्हाइट पोस्ता की तुलना में काला दाने के बहुत अधिक दाम मिलने हैं और कतिपय तत्व गलत ढंग से काला पोस्ता दाना चोरी - छिपे सप्लाई व्यवस्था के जरिये देश के विभिन्न भागों में भेज अवैध कारोबार कर भारी धन बटोरने के खेल में लगे हैं।
यहां यह उल्लेखनीय हैं कि, देश के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में सरकार द्वारा प्रदत्त लायसेंस के आधार पर लगभग दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अफीम की काश्त होती हैं लेकिन उत्तर पूर्वी राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर,अरुणाचल तथा कुछ अन्य भागों में लगभग चालीस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती होती हैं और इस स्त्रोत से बड़ी मात्रा में तस्करी के लिए अफीम और डोडा - चूरा के साथ काला पोस्ता दाना भी मिलता हैं। इसके अलावा, टर्की एवं अन्य देशों से कई वैध एवं अवैध ढंग से पोस्ता दाना मंगवा कर ऊंचे दामों में विक्रय का काला कारोबार भी जारी हैं। अफगानिस्तान में होने वाली अवैध अफीम की खेती से उपजा पोस्ता भी पाकिस्तान के नेटवर्क के जरिए चोरी छिपे भारत पहुंचता हैं। समग्र रूप से देखें तो विभिन्न स्रोतों से काला पोस्ता दाना की उपलब्धता है और दिनों - दिन इसका अवैध व्यापार बढ़ता ही जा रहा हैं।
काला पोस्ता दाना सेवन से स्वास्थ्य पर होने वाले हानिकारक प्रभाव...
काला पोस्ता/खसखस में पर्याप्त मात्रा में अल्कालॉयड अवशेष हो सकते हैं इसीलिये स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानव आहार के रूप में इसका सेवन हानिकारक मानते हैं। लेकिन नशे की तासीर के कारण इसके नियमित सेवन का प्रचलन बढ़ता जा रहा हैं। विभिन्न खाद्य व्यजनों एवं सब्जियों में पोस्ता दाना का मिश्रण किया जाता हैं।
काला पोस्ता दाने का बड़ा उपयोग चाय में मिश्रण के रूप में किया जा रहा हैं जिससे बनने वाली चाय में मार्फिन की मात्रा काफी अधिक हो सकती है और नियमित सेवन से लत बन जाती हैं।पोस्त की चाय के रूप में कानूनी नशा लोकप्रिय हो रहा हैं जो गहन चिंता का विषय हैं। अमेरिका और पश्चिमी देशों में काला पोस्त उपयोग गम्भीर स्वास्थ्य संकट बन गया हैं और भारत में भी यह संकट गहराता जा रहा हैं। चूंकि पोस्ता आसानी से एवं ऑनलाइन भी उपलब्ध है और इनपर कोई चेतावनी नहीं दी जाती है, इसलिए उपभोक्ता यह मान लेता है कि वह एक हानिरहित पदार्थ का उपयोग कर रहा है। इसके नियमित सेवन से किडनी पर दुष्प्रभाव, शरीर मे एसिड की वृद्धि,कार्डिया अरेस्ट, हाई ब्लड प्रेशर, मांशपेशियों में खिंचाव, चिड़चिड़ापन, हड्डियों - जोड़ो में दर्द,ह्रदय की धड़कनें बढ़ना और अन्य रोग होने की आशंकाएं प्रबल हैं।
निरंतर बढ़ रही हैं काला दाना की तस्करी,सरकार उठाएं नियंत्रण के ठोस कदम....
सामान्य व्हाईट पोस्ता की तुलना में काला पोस्ता दाना के विक्रय पर कई गुना दाम अधिक मिलने से कतिपय काले कारोबारी काला पोस्ता दाना नष्ट करने के सरकारी निर्देशों की अवहेलना कर बड़े पैमाने पर अवैध रूप से चोरी छिपे देश के विभिन्न भागों में सप्लाई कर रह जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं। देश के प्रमुख अफीम उत्पादक क्षेत्र में शरीक नीमच जिला मुख्यालय पर भी केन्द्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कोई चार साल पूर्व जयकुमार उर्फ बाबू सिंधी नामक बड़े तस्कर के गुप्त गोदामो पर छापा मार कर अन्य मादक पदार्थों के साथ क्विंटलों की मात्रा में काला पोस्ता दाना भी जप्त किया था जिसमें मार्फिन की मात्रा न्यूनतम मापदंडों से अधिक पाई गई थी। नीमच के ही दो व्यापारियों द्वारा कथित रूप से टर्की से आयातित पोस्ता दाने में भी परीक्षण में मार्फिन कि अधिक मात्रा पाई गई थी और अपराध पंजीबद्ध हुए।
समय - समय पर लगातार सामने आ रहें काला पोस्ता दाना की बरामदगी से यह स्पष्ट हैं कि देश के महानगरों दिल्ली - कोलकोता से लेकर विभिन्न राज्यों के जिलों में काला पोस्ता दाना के अवैध कारोबार को अंजाम देने के लिए शक्तिशाली गिरोह सक्रिय हैं जो दुस्साहस पूर्वक तस्करी को अंजाम देकर अंधी कमाई के मंसूबे पूरे करने के चक्कर में लोक स्वास्थ्य के लिए गम्भीर खतरा बढ़ाते जा रहें हैं। ऐसी स्थिति में सरकार और नियामक एजेंसियां जनता के स्वास्थ्यगत हितों पर मंडरा रहे संभावित खतरें को समय रहते समझें और काला पोस्ता दाना के अवैध काले कारोबार तथा इस अपकृत्य में जुड़े माफिया समूहों के विरुद्ध योजनाबद्ध ढंग से निरंतर कठोर कार्यवाही संचालित कर तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाये।

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