नीमच// न्याय के देवता सूर्यपुत्र भगवान श्री शनिदेव का जन्मोत्सव इस वर्ष शनिश्चरी अमावस्या के दुर्लभ महासंयोग में शहर सहित अंचलभर के शनि मंदिरों में श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ मनाया गया। करीब 13 वर्षों बाद शनिवार और अमावस्या का विशेष संयोग बनने से इस पर्व का धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार शनि अमावस्या पर केदार एवं शोभन योग का शुभ संयोग भी बना, जिसे अत्यंत शक्तिशाली और फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि शनिश्चरी अमावस्या पर श्रद्धापूर्वक शनि पूजन, अभिषेक, दान-पुण्य और हवन करने से शनि दोष, साढ़ेसाती एवं ढैय्या से राहत मिलती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।शहर के महेश सर्कल स्थित प्रसिद्ध श्री शनि मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहत भगवान श्री शनिमहाराज का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और झांकियों से सजाया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। शुक्रवार को प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। शनिवार को मुख्य आयोजन प्रातः 7 बजे भगवान श्री शनिदेव के अभिषेक, हवन, विशेष श्रृंगार और मंदिर शिखर पर ध्वजा अर्पण के साथ प्रारंभ हुए। शाम 7 बजे ढोल-ढमाकों और जयकारों के बीच भव्य महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद रात्रि 8 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक राजू राजस्थानी एवं भगवत सुथार ने शनिदेव के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।मंदिर के पुजारी राधेश्याम जोशी एवं ईश्वर सिंह ने बताया कि इस दुर्लभ योग में शनि पूजन का विशेष महत्व माना गया है।
इसी प्रकार घंटाघर चौराहा स्थित प्राचीन श्री शनि मंदिर में भी मंदिर समिति एवं शनि भक्तों के सहयोग से विविध धार्मिक आयोजन किए गए।कृष्ण गोपाल गर्ग ने बताया की यहां भगवान श्री शनिदेव का भव्य राजराजेश्वर श्रृंगार किया गया। सायं 6:30 बजे महाआरती तथा उसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन होगा,जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसी प्रकार कलेक्टर चौराहा स्थित श्री शनि देव मंदिर में भी जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर के पुजारी हस्तीमल जोशी एवं हरीश जोशी ने बताया कि प्रातः अभिषेक, हवन,शांति पाठ, ध्वज अर्पण एवं पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। दोपहर 12 से 3 बजे तक भंडारा प्रसादी वितरित की गई। सायं 7:15 बजे 108 दीपकों से महाआरती एवं छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके पश्चात भव्य भजन संध्या में श्याम दीवानी काव्या,कमलेश सेन, सोनू साउंड एवं अर्जुन बारेठ श्री मंशापूर्ण म्यूजिकल ग्रुप ने भजनों की प्रस्तुतियां देंगे आयोजन के दौरान अलौकिक दरबार, दिव्य दर्शन, इत्र वर्षा एवं पुष्प वर्षा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।