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शिव महापुराण कथा में गूंजा भक्ति रस,गणेश विवाह और रासलीला प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर......

नीमच// इंदिरा नगर में श्री भोलेनाथ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर कथा पंडाल भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया। कथा व्यास पंडित राजेन्द्र पुरोहित ने भगवान कार्तिकेय एवं श्री गणेश जन्म प्रसंग का अत्यंत रोचक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान कार्तिकेय द्वारा जालंधर वध की जीवंत प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कथाव्यास ने भगवान शिव को संतान प्राप्ति नहीं होने से देवताओं की चिंता तथा संतान उत्पत्ति के दिव्य कारणों का विस्तार से वर्णन किया। इसके बाद भगवान श्री गणेश के जन्म, उनकी बुद्धिमत्ता और रिद्धि-सिद्धि के साथ उनके विवाह की सुंदर झांकी कथा पंडाल में प्रस्तुत की गई। इस दिव्य प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।कथा के दौरान भगवान शिव के गोपी वेश धारण कर वृंदावन पहुंचने तथा रासलीला में सम्मिलित होने का प्रसंग भी आकर्षण का केंद्र रहा। जैसे ही रासलीला का मंचन प्रारंभ हुआ, पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी श्रद्धा और आनंद में झूमते नजर आए। भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। “ओ काशी वाले आजा तेरी याद सताए…” भजन ने वातावरण को शिवमय बना दिया।शिव बारात प्रसंग में बारातियों को भोजन कराने की कथा भी विशेष आकर्षण रही। कथाव्यास ने बताया कि बारात में शामिल भूत-प्रेतों को भोजन परोसने में कठिनाई आई, क्योंकि उनके सिर और धड़ का पता नहीं चल रहा था। तब स्वयं भगवान भोलेनाथ ने समाधान देते हुए भोजन उनके सामने रख देने को कहा। इस प्रसंग के माध्यम से कथाव्यास ने वर्तमान विवाह समारोहों में प्रचलित बफेट भोजन पद्धति पर व्यंग्य करते हुए कहा कि शिव पुराण के अनुसार भोजन परोसना ही श्रेष्ठ परंपरा है।
कथा के दौरान प्रभात फेरी मंडल मंशापूर्ण महादेव एवं रणजीत हनुमान मंदिर के सदस्यों का सम्मान भी किया गया। मनीष चौधरी, एस.के. सोनी, डॉ. संजय पाठक, मुकेश लक्षकार, प्रदीप शर्मा, रामप्रसाद शर्मा, गुणवंत जैन सहित अनेक सनातन सचेतकों ने कथा व्यास पंडित राजेन्द्र पुरोहित का श्रीफल एवं उपर्णा भेंट कर स्वागत किया। वहीं भोलेनाथ सेवा समिति द्वारा प्रभात फेरी मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कर्मकाण्डीय विप्र परिषद के पंडित राधेश्याम उपाध्याय, पंडित प्रेमप्रकाश गौड़,पंडित लक्ष्मण शर्मा एवं पंडित गौरव पारिख भी उपस्थित रहे।

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