जिला कांग्रेस कार्यकारिणी विस्तार से संगठन में नई ऊर्जा, 2028 की तैयारी में जुटी कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन में जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने संगठन को दिया नया स्वरूप, जमीनी कार्यकर्ताओं को मिली जिम्मेदारी.....
नीमच// मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशन पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती द्वारा जिला कांग्रेस संगठन की नई कार्यकारिणी और विभिन्न पदाधिकारियों की नियुक्तियां किए जाने के बाद जिले की राजनीति में कांग्रेस एक बार फिर सक्रिय और संगठित नजर आने लगी है। लंबे समय बाद संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है! राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले करीब दो दशकों में पहली बार जिला स्तर पर कांग्रेस ने संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी है, जो वर्षों से पार्टी की विचारधारा और संगठन के लिए समर्पित होकर कार्य करते रहे हैं। नई नियुक्तियों में गांव, पंचायत, शहर और ब्लॉक स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को अवसर दिए जाने से संगठनात्मक संतुलन भी दिखाई दे रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती द्वारा करीब छह माह बाद कार्यकारिणी का विस्तार कर संगठन को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है। माना जा रहा है कि इस रणनीति का उद्देश्य आगामी 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक कांग्रेस को मजबूत करना है। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार सक्रियता बढ़ा रहे हैं और संगठनात्मक बैठकों के माध्यम से जनसंपर्क अभियान को गति देने की तैयारी में हैं। कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी मानी जाने वाली गुटबाजी को लेकर भी इस बार संगठन में संतुलन साधने का प्रयास दिखाई दे रहा है!राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पूर्व में कई बार कांग्रेस अपने ही अंदरूनी मतभेदों और नेतृत्व संघर्ष के कारण चुनावी नुकसान उठाती रही है, लेकिन वर्तमान संगठनात्मक विस्तार में सामंजस्य और कार्यकर्ता आधारित राजनीति की झलक दिखाई दे रही है। कमलनाथ सरकार के जाने के बाद जिले सहित प्रदेश में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। ऐसे में कांग्रेस के सामने संगठन को पुनः खड़ा करने की चुनौती थी, लेकिन हालिया नियुक्तियों ने यह संकेत दिया है कि पार्टी अब नए और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के भरोसे आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है। नई जिम्मेदारियों के बाद अब कांग्रेस की नजर बूथ और पोलिंग स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है। पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि यदि कार्यकर्ता इसी तरह एकजुट होकर सक्रियता से कार्य करते रहे तो आने वाले चुनाव में कांग्रेस जिले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे सकती है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए नई रणनीति और नए संगठनात्मक ढांचे के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।