तालाब गहरीकरण कार्य में बाधा और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप, आदिवासी परिवारों ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार.....
नीमच// जिले की सिंगोली तहसील अंतर्गत ग्राम चडोल में शासकीय भूमि पर बने तालाब से मिट्टी निकालकर गहरीकरण कार्य कर रहे आदिवासी परिवारों ने कुछ लोगों पर कार्य में बाधा डालने,जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने एवं जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ितों ने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर कार्रवाई की मांग की है।प्रार्थी राजु पिता रूपा भील,नारायण पिता शंकरलाल भील एवं प्रकाश पिता लालूराम भील निवासी ग्राम चडोल तहसील सिंगोली ने आवेदन में बताया कि वे पंचायत से प्रमाण पत्र प्राप्त कर तथा प्रशासनिक आदेशों के तहत तालाब से विधिवत मिट्टी निकालकर अपने खेतों में डालने का कार्य कर रहे थे। उनका कहना है कि इससे जहां एक ओर शासकीय तालाब का गहरीकरण हो रहा था, वहीं दूसरी ओर उनकी कृषि भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल रही थी।आवेदन के अनुसार 25 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे ग्राम के पूर्व सरपंच रूपचंद गुर्जर पिता भेरूलाल गुर्जर एवं अर्जुन पिता भंवरलाल मीणा वहां पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए कार्य रोकने लगे। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा कहा गया कि “तुम्हारी क्या औकात है, मिट्टी निकालने का काम हमारा है।”प्रार्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आवेदन में उल्लेख किया गया कि आरोपियों ने ग्राम बाणदा की एक पुरानी घटना का हवाला देते हुए जान से मारने जैसी धमकी भी दी, जिससे वे और उनके परिवार भयभीत एवं सदमे में हैं।पीड़ितों ने बताया कि मामले की शिकायत जाट पुलिस चौकी में भी की गई है। साथ ही उन्होंने आवेदन के समर्थन में पंचायत से प्राप्त प्रमाण पत्र एवं प्रशासनिक आदेशों की प्रतियां भी प्रस्तुत की हैं।जनसुनवाई में प्रार्थियों ने कलेक्टर से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बिना भय के शासकीय कार्य में सहयोग कर सकें।