दो साल पुरानी मौत पर उठे नए सवाल: पुत्र ने बताया संदिग्ध मामला,मानव अधिकार आयोग और एसपी से पुनः जांच की मांग.....
रतनगढ़ क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना को लेकर मृतक के बेटे ने उठाए गंभीर प्रश्न, पोस्टमार्टम और वाहन जांच की दोबारा समीक्षा
नीमच// जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में करीब दो वर्ष पूर्व हुई एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतक के पुत्र ने घटना को संदिग्ध बताते हुए मानव अधिकार आयोग एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय पुनः जांच की मांग की है। शिकायत में दावा किया गया है कि मामले से जुड़े कई तथ्य दुर्घटना कीआधिकारिक कहानी पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शक्करगढ़ निवासी रामरतन रैगर ने अपने आवेदन में बताया कि उनके पिता स्वर्गीय भेरूलाल रैगर की मौत को सड़क दुर्घटना बताया गया था, लेकिन उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों का अवलोकन करने पर मामला सामान्य दुर्घटना जैसा प्रतीत नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद शव पर पाए गए चोटों के निशान और दुर्घटना का विवरण एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
आवेदन के अनुसार पुलिस रिकॉर्ड में यह उल्लेख किया गया था कि मृतक की मृत्यु वाहन के नीचे दबने से हुई, लेकिन शव पर वैसी गंभीर एवं व्यापक चोटें दिखाई नहीं दीं,जैसी सामान्यतः ऐसे मामलों में देखने को मिलती हैं। यही नहीं, जिस पिकअप वाहन से दुर्घटना होना बताया गया है, उसमें भी अपेक्षित स्तर की क्षति दिखाई नहीं दी, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर संदेह और गहरा गया है।रामरतन रैगर ने मांग की है कि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल का पुनः निरीक्षण कराया जाए। साथ ही संबंधित वाहन की तकनीकी जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विशेषज्ञों से समीक्षा तथा उस समय जांच करने वाले अधिकारियों के बयान दोबारा दर्ज किए जाएं। उनका कहना है कि इन सभी पहलुओं की गहन जांच से ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।शिकायतकर्ता ने यह भी मांग की है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही, तथ्यों को छिपाने, जांच को प्रभावित करने अथवा किसी साजिश के संकेत मिलते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।मृतक के पुत्र रामरतन रैगर का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपने पिता की मौत की सच्चाई सामने लाना है।