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लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के समर्थन में कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास, काली पट्टियां बांधकर किया प्रदर्शन.....

नीमच// राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में प्रदेशभर में कांग्रेस द्वारा विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में बुधवार को नीमच में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में फोरजीरो चौराहे पर एकदिवसीय सामूहिक उपवास एवं धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने काली पट्टियां बांधकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयासों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ और जनमत का सम्मान करो जैसे संदेश लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान गांधीवादी परंपरा का पालन करते हुए कार्यकर्ताओं ने “रघुपति राघव राजा राम” भजन का गायन भी किया।जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की एक मजबूत और प्रभावी आवाज को सदन तक पहुंचने से रोकने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित किया गया है। कांग्रेस इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत मानती है तथा इसका पुरजोर विरोध करती है।धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक प्रत्याशी के नामांकन की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है। वक्ताओं ने कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठते हैं तो उसका असर पूरे लोकतंत्र पर पड़ता है, इसलिए कांग्रेस लगातार जनजागरण और विरोध के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचा रही है।उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन, उपवास और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। नीमच में भी विरोध का सिलसिला मंगलवार रात से शुरू हो गया था, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय टॉकीज चौराहे पर पुतला दहन कर प्रदर्शन किया था। इसके बाद बुधवार को एकदिवसीय उपवास और धरना देकर कांग्रेस ने अपने विरोध को और मुखर किया।कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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