स्वार्थ पूर्ति के लिए शहर की शांत फिजा को खराब करने की सुनियोजित साजिश....समाज सेवा का चोला ओढ़कर..."शराबियों" का लीडर बना राजनीतिक दल का छुटभैया नेता......
नीमच//लाचार बेबस और मजलूम जनता की दबी आवाज को सरकारी सिस्टम के आगे बुलंद कर उन्हें न्याय और उनका हक दिलाने वाले नेताओं को अब सामाजिक सरोकार से ज्यादा शराबियों की चिंता सताने लगी है...आम लोगों की समस्याओं को भूलकर शराबियों से जुड़े मसले ने नेताजी को इतना परेशान कर दिया कि, मानो सारे शराबी अपने हक के लिए अनशन पर हो और नेताजी से न्याय की गुहार लगा बैठे हो...नेताजी को कोई मतलब नहीं कि उनसे जुड़ा या उनके इलाके का कोई व्यक्ति किसी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते दम तोड़ रहा है, सिस्टम की लाचारी के आगे कोई गरीब बेबस और परेशान है....पुलिस थानों में सुनवाई नहीं हो रही है...!
बस सौ बात की एक बात ये है कि...नेताजी की सबसे बड़ी चिंता तो शराबियों की है, और शायद इसलिए कि नेताजी "स्वयं भू" नेता की तरह "स्वयं भी" शराबी भी हो...और हो सकता है... मंशाओं की स्वार्थ पूर्ति में कहीं कोई उपेक्षा गई हो और नेता जी को नेताजी ना समझा गया हो... उनके पद का ख्याल न रखा गया हो...मसलन इसी टीस ने नीमच के एक नेताजी को शराबियों का भी "स्वयं भू" लीडर बना दिया...और नेताजी निकल पड़े शराब कारोबारी के खिलाफ मोर्चा खोलने...शराबियों के हितों में सोशल मीडिया पर तरह की मांगों को लेकर छेड़ दी जंग...मानो जनता के हित में किसी सरकारी फरमान का विरोध किया जा रहा हो...और इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम के पीछे का मकसद शायद इतना है,
कि सम्मान नेताजी का रख लिया जाए...और उनके नेता होने का नाजायज लाभ उन्हें दिया जाए...!
बड़ी विचित्रता इस मामले में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, और नेताजी को शराबियों की चिंता करने के बजाय उनके वास्तविक कार्यों के प्रति जागरूक रहने की सलाह लोग सोशल मीडिया पर देने है...
इस बीच नेताजी से जुड़ा एक शर्मनाक घटनाक्रम भी सामने आ गया जिसने इस स्वयं भू शराबी नेता की गंदी नीयत को भी सामने लाकर रख दिया...शराबियों की लड़ाई लड़ते-लड़ते नेताजी खुद अपना आपा खो बैठे और शराब के नशे में शहर के ग्वालटोली क्षेत्र में एक सभ्य परिवार की महीला से अश्लील कर दी...जिसका नतीजा ये हुआ कि स्थानीय लोगों ने नेताजी को मौके पर उनकी असलियत दिखाते हुए तबियत से उनकी कंबल कुटाई कर डाली...जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने शराबियों के इस अश्लील नेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, और एसपी कार्यालय पहुंच शिकायत ज्ञापन देकर कड़ी कार्यवाही की मांग पुलिस अधिकारियों से की...अब नेता जी अपनी इस करतूत पर पर्दा डालने के लिए पूरे घटनाक्रम को साजिश का रूप दे रहे है, और आरोप शराब कारोबारी के लोगों पर मढ़ने के योजना तैयार कर रहे है...ताकि चेहरे से कही नकाब उतर न जाए...!
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नीमच में शराब दुकानों को लेकर कथित तौर पर यह सारा घटनाक्रम एक कथित नेता की और से प्रचारित किया जा रहा है, हालांकि नेता जी की उक्त मांगे कितनी जायज है, यह तो प्रशासनिक जांच का मसला है,
लेकिन यहां सवाल यह खड़ा होता है कि, क्या किसी भी राष्ट्रीय दल का झंडा थामकर मैदान में उतरने वाले जनता के सेवक का सरोकार क्या आम आदमी की समस्या से ज्यादा उन शराबियों से है, जिनका नेताजी से भी कोई लेना देना नहीं है...शहर में अवैध रूप से संचालित किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और उसके खिलाफ कार्यवाही का जिम्मा स्थानीय पुलिस प्रशासन के सुरक्षित है...लेकिन इस विचित्र मामले में नेताजी की समस्या वहां आकर खड़ी है, जहां आम आदमी को भी कोई समस्या नहीं है...महज एक सुनियोजित वातावरण शहर की शांत फिजा को खराब करने के लिए तैयार किया जा रहा है... जिस पर स्थानीय प्रशासन को संज्ञान लेते हुए, गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है...!